
इंडिया गुट के 28 दलों ने भरी बीजेपी के खिलाफ हुँकार !
मुंबई बैठक में 14 सदस्यीय समंवय समिति तय करेगी – वन टू वन फाइट प्रत्याशी।
इंडिया गठबंधन की दो दिवसीय बैठक मुंबई में संपन्न हो गई।
शरद पवार, उधव ठाकरे और कांग्रेस ने महाराष्ट्र में अपनी सरकार खोने के बाद
यह बड़ा आयोजन कर दिखाया।
मुंबई में 28 पार्टियों के साठ से अधिक नेता इस बैठक में शामिल हुए हैं।
दिल्ली के मुखयमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने कहा – केंद्र में अब तक की सबसे बड़ी घमंडी
सरकार है। जिसके खिलाफ अब 130 करोड़ देशवासी एक जुट हो रहें हैं।
इंडिया गुट ने आगामी लोकसभा चुनाव हेतु युवा नेता सांसद राघव चड्डा – आम आदमी पार्टी,
उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव, मुख्यमंत्री शिबू सोरेन, अभिषेक बनर्जी – तृणमूल कांग्रेस,
ओमर अबदुल्ला – नेशनल कांफ्रेंस के साथ वरिष्ठ नेता शरद पंवार, टीआर बालू – डीएमके,
केसी वेणुगोपाल – कांग्रेस, ललन सिंह – जेडीयू, संजय राउत – शिवसेना उद्धव ठाकरे , जावेद खान – सपा,
डी राजा और महबूबा मुफ्ती को कोर्डिनेशन कमेटी में शामिल किया है।
इंडिया गठबंधन के दबाव में गैस सिलैंडर दरों में दो सौ रूपये की सब्सिडी घोषित की गई।
मोदी सरकार ने जी -20 बैठक के एक सप्ताह बाद संसद का विशेष सत्र
18 सितंबर से 22 सितंबर आहुत किया है।
कयास लगाये जा रहे हैं – केंद्र सरकार जल्दी में कुछ जरुरी कानून पास करना चाहती है और
इस का कारण लोकसभा चुनाव अब समय पूर्व घोषणा संभव है।
इंडिया गुट ने अपनी प्रेस में स्पष्ट किया – अब बीजेपी के खिलाफ एक प्रत्याशी उतारने के लिए
राज्यों में सीट शेयरिंग पर काम शुरू हो गया है।
सीट शेयरिंग के लिए इंडिया के घटक दल गिव एंड टेक फार्मूले के तहद त्याग करने को तत्पर हैं।
मोदी के चेहरे के मुकाबिल राज्यों के नेता चुनौती लेने को तैयार हैं।
पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी, महाराष्ट्र में शरद पवार व उद्धव ठाकरे, बिहार में नीतिश कुमार व लालू यादव,
जम्मू – कश्मीर में शेख अबदुल्ला व मेहबूबा मुफ्ती के दल, मध्य प्रदेश, राजस्थान, छतीसगढ़ और झारखंड में
कांग्रेस अपने सहयोगी दलों के साथ बीजेपी के खिलाफ सयुंक्त प्रत्याशी देगी।
राहुल गाँधी ने कहा – अडानी को लेकर ग्लोबल मीडिया ने छापना शुरू कर दिया है। अब केंद्र सरकार को
अडानी की जांच कराना जरुरी है। अन्यथा विश्व में भारत की साख पर चोट पहुँच रही है।
नीतीश कुमार ने कहा – बीजेपी सरकार जाने वाली है सो मीडिया को गुलामी छोड़कर
इंडिया गठबंधन को भी ख़बरों में जगह देनी चाहिए।
बीजेपी के खिलाफ इंडिया गुट ने माहौल बनाना शुरू कर दिया है।
अब इंडिया बैनर के तहद सोशल मीडिया में प्रचार और क्षेत्रीय भाषाओं में रैलियां आयोजित की जायेंगी।
जुड़ेगा भारत तो जीतेगा इंडिया – नारे के साथ फिलहाल कांग्रेस मणिपुर हिंसा, महिला अपराध, मंहगाई,
बेरोजगारी, मित्र पूंजीपतियों को लाभ, संविधान संरक्षण, किसान, मजदूर और धार्मिक सौहार्द के मुद्दे
पर क्षेत्रीय दलों को बीजेपी के खिलाफ एक जुट करने में कामयाब दिख रही है।
मध्य प्रदेश, राजस्थान, छतीसगढ़, तेलांगना में विधानसभा के साथ – साथ लोकसभा के समय पूर्व
चुनाव की आहट भी राजनीतिक विश्लेष्क महसूस कर रहे हैं।
पदचिह्न टाइम्स।