नागपुर महानगर की विकास गाथा लिखते केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी !
संतरों की नगरी नागपुर 1702 में स्थापित भारत के मध्य में 13 वाँ सबसे बड़ा शहर ।

नागपुर महानगर की विकास गाथा लिखते केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी !
संतरों की नगरी नागपुर 1702 में स्थापित भारत के मध्य में 13 वाँ सबसे बड़ा शहर ।
—भूपत सिंह बिष्ट
नागपुर भारत का केंद्र है, सभी संस्कृतियाँ यहां पल्लवित- पुष्पित हैं। उत्तर – दक्षिण, पूरब – पश्चिम के केंद्र बिन्दु ने सब को समाहित कर रखा है।
कांग्रेसियों को आजाद भारत में धूल चटानेवाला संगठन RSS भी यहां से परवान चढ़ा तो अंबेडकर जी को बोधिसत्व प्रदान करनेवाला केंद्र भी यही है।
ईसाई समाज की गतिविधियाँ अंग्रेज राज के बाद भी यहां बनी हुई हैं। कहने का तात्पर्य कोई यहां रोजगार के लिए आया तो यहीं का बाशिंदा होकर रह गया- बड़ी सुखद बात है कि यहां का समाज भारतीयता की समरसता को जी रहा है और उत्तर- दक्षिण की बोली के बावजूद सभी निर्भय होकर अपना घरौंदा बनाए हैं।
कभी कांग्रेस का गढ़ रहा नागपुर आज भाजपा के सबसे स्वीकार्य नेता नितिन गडकरी की कर्मभूमि है।
गडकरी जी अब राष्ट्रीय फलक पर विराजमान हैं और उन के सर्वांगीण विकास में मेट्रो, एयरपोर्ट और आक्सीजन उत्पादन के हरित उद्यान नागपुर को महानगर की श्रेणी में रखते हैं।
नागपुर का इतिहास और वर्तमान गडकरी जैसे चिंतकों ने कालजयी किया है— संतरे भी, दही बड़े भी और मराठी रंगमंच भी। महाराष्ट्र विधानसभा का सत्र नागपुर में भी आयोजित होता है। आधुनिक पुल निर्माण तकनीक का जमकर स्वागत है।
मास्टर ब्लास्टर सचिन तैडुलकर अब नागपुर में किशोर – युवाओं को खेलों नागपुर में सक्रियता हेतु नायक की भूमिका में हैं।
नागपुर के विकास में सभी पार्टी के नेताओं का योगदान रहा है। फिलहाल केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की योजनायें परवान पर हैं।
—भूपत सिंह बिष्ट