पेपर लीक कराया तो होगी 7 साल कैद और 10 करोड़ जुर्माना !
फ़ास्ट ट्रेक कोर्ट बनेंगे - पेपर लीक प्रावधानों के अनुसार जांच 2 माह में पूरी की जाएगी


भारत में युवा आंदोलन की गूँज अभी जारी है – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक के
संगठित अपराध को ध्वस्त करने का बिल संसद में पेश किया।

पेपर लीक बिल के प्रावधानों के अनुसार जांच 2 माह में पूरी की जाएगी और अपराधियों को 10 करोड़ का दंड
और कम से कम 7 साल की सजा भोगनी होगी।
पेपरलीक में शामिल प्रतियोगी को 50 लाख का दंड और कम से कम 5 साल का कारावास भुगतना होगा। मामलों
की त्वरित सुनवाई फास्टट्रेक कोर्ट में की जाएगी।
लोक परीक्षा अनुचित साधन रोक संसोधन बिल 2026 को विपक्षी दलों ने गंभीर नहीं माना है। विपक्षी दलों ने
लोकसभा में 20 जुलाई को जंतर मंत्र के आस पास प्रदर्शनकारी छात्रों पर निर्मम बल प्रयोग करने वाले सुरक्षा बलों
के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के लिए संसद में भारी विरोध किया और कामकाज में बाधा दी।

कांग्रेस की मांग है कि छात्रों पर पिलेट गन से फायर करने वाले सुरक्षा बलों पर अपराध दायर किए जाएँ।
उल्लेखनीय है – केंद्रीय शिक्षा मंत्री और बीजेपी नेता धर्मेंद्र प्रधान के त्यागपत्र के बाद भारत में जेंजी युवाओं के
जोश में भारी उबाल है और सोशल मीडिया में सुचिता और सुशासन को लेकर फिर से चर्चा गरमाने लगी है।
पदचिह्न टाइम्स।


