
वक्फ संशोधन कानून 2025 संसद में आसानी से पास !
अब वक्फ सम्पत्तियों की देख भाल में सरकार को और अधिकार मिले।
संयुक्त संसदीय समिति के पास गत वर्ष अगस्त में भेजा गया वक्फ संशोधन अधिनियम
बीजेपी ने सरलता से संसद में पास करा लिया।
दो मुस्लिम सांसद नए कानून के विरोध में सुप्रीम कोर्ट की शरण में चले गए हैं।
उल्लेखनीय है कि मुस्लिम अपनी सम्पत्ति धार्मिक कार्यों के लिए दान करते हैं और
इन सम्पत्तियों की देखभाल वक्फ बोर्ड करता है। वक्फ बोर्ड सरकार के आधीन काम
करते हैं।
अगस्त 2024 में लोकसभा में वक्फ संशोधन अधिनियम पेश किया गया तो
एन डी ए के घटक दल जेडयू , तेलगु देशम पार्टी और एल जे पी – चिराग पासवान
इन संशोधन से सहज नहीं थे।
अब छह माह बाद बीजेपी के नेतृत्व वाली एन डी ए सरकार ने वक्फ संशोधन कानून
तमाम आशंकाओं को धता बताकर पास कराने में सफलता अर्जित की है।
श्री राम मंदिर , धारा 370 के बाद यह वक्फ संशोधन कानून चर्चा का बड़ा विषय
बना है।
विपक्ष का मानना है कि सरकार मुस्लिम को शंका की नज़र से देखती है और इसलिए जल्दबाज़ी
में कानून पास करा रही है। अन्यथा अभी भी वक्फ की सम्पतियाँ सरकार के आधीन ही हैं।
लोकसभा में कानून के पक्ष में 288 और विपक्ष में 232 वोट पड़ें हैं यानि लोकसभा में
वक्फ संसोधन प्रस्ताव 56 वोट के अंतर से पास हुआ है।
राज्य सभा में वक्फ संसोधन प्रस्ताव के पक्ष में 128 और विरोध में 95 वोट पड़ें हैंऔर
प्रस्ताव 33 वोट के अंतर से पास हो गया।
राज्य सभा में इंडिया गठबंधन के पास 81 सांसद हैं और अन्य 14 सांसद एआईडीएमके पार्टी ,
बीजू जनता दल , बीआरएस और वाईएसआर ने दक्षिण में मुस्लिम समर्थन पाने के लिए
बिल के विरोध में गए हैं।
एनडीए के घटक दल जेडयू , तेलगु देशम पार्टी और एलजेपी ने बीजेपी का साथ देकर
नई राजनीति की और कदम बढ़ाये हैं। इस कानून का प्रभाव बिहार चुनाव में पड़ने
के कयास लग रहें हैं।
महाराष्ट्र , हरियाणा और दिल्ली की जीत के बाद बीजेपी ने संसद में अपनी पकड़ पिछले
वर्ष की तुलना में मजबूत की है। एनडीए के घटक दलों के बीच सब कुछ सामान्य है।
- भूपत सिंह बिष्ट