अयोध्या धाम श्री राम मंदिर चढ़ावा चोरी की अनसुनी दास्ताँ !
चोरों की साजिश का शिकार हो गए श्री राम जन्म भूमि मुक्ति यज्ञ के पुरोधा चम्पत राय जी।
अयोध्या धाम श्री राम मंदिर चढ़ावा चोरी की अनसुनी दास्ताँ !
चोरों की साजिश का शिकार हो गए श्री राम जन्म भूमि मुक्ति यज्ञ के पुरोधा चम्पत राय जी।

80 वर्षीय चम्पत राय जी विश्व हिन्दू परिषद के केंद्रीय उपाध्यक्ष हैं और कुछ समय पहले तक श्री राम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र
ट्रस्ट के महामंत्री पद पर कार्यरत थे – अब वे इस्तीफा दे चुके हैं।
नगीना बिजनौर के मूल निवासी चम्पत राय जी ने 1969 में एमएससी फिजिक्स में पास की है और 1981 तक रोहतक और
धामपुर में अध्यापन किया। जुलाई 1975 से मार्च 1977 तक आपातकाल के दौरान रासुका में जेल बंदी बनाये गए।
1981 में अध्यापन छोड़ कर पूर्ण कालिक राष्ट्रिय स्वयं सेवक संघ के प्रचारक बने और राष्ट्र निर्माण , धर्म – संस्कृति के
लिए आजन्म अविवाहित रहने का प्रण निभा रहें हैं।

पिछले 36 सालों से अयोध्या में प्रवास कर रहे चम्पत राय जी ने विश्व हिन्दू परिषद में अपना दायित्व 1986 में
माननीय अशोक सिंघल जी के साथ शुरू किया।
कहने की जरुरत नहीं श्री राम जन्म भूमि मुक्ति यज्ञ के आरंभ से समापन तक साधु -संतों से सहयोग , कारसेवकों ,
कोर्ट – कचेहरी मामलों , कारसेवकपुरम निर्माणशाला में मंदिर निर्माण हेतु संगमरमर पत्थरों की कटाई ,
श्री राम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र में शिलान्यास से लेकर दिव्य और भव्य श्री राम मंदिर निर्माण व लोकार्पण तक सभी
काम काज में ( 2020 – 2026 ) चम्पत राय जी ने महती भूमिका निभाई ,
अपना रात – दिन प्रभु राम की सेवा में अर्पण किया।

इस दौरान अरबों का लेखा – जोखा उनके सम्मुख गुजरा। चम्पत राय जी ने चाटुकारों से हमेशा दूरी बनाये रखी और
आत्म प्रचार से विमुख रहे – इस कारण सुविधा चाहने वाले छुट भैया पत्रकार और लोग उनसे खासे दुखी रहते हैं।
जून 2026 में श्री राम मंदिर में चढ़ावा चोरी की घटना उजागर हुई। दान पात्रों की नगदी को छाटने और गड्डी बनाने में
लगाये गए अभियुक्तों ने चढ़ावे की चोरी की और वे क्लोज सर्किट कैमरे की रिकॉर्डिंग में पकड़े गए। नकद राशि
दो लाख से ज्यादा गणना कक्ष के शौचालय से मिली।
श्री राम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में 15 न्यासी हैं – जिन में ट्रस्ट का कोषाध्यक्ष ,वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी सुरक्षा और दैनिक व्यवस्थाओं के लिए जिम्मेदार हैं। अनुमान है कि रोज पूरे देश – विदेश से 2 लाख तीर्थ यात्री प्रभु राम के दर्शन हेतु अयोध्या धाम पहुंचते हैं।
देवोत्तर राशि को तुरंत हासिल करने के लिए एफआईआर टाली गई। 5 जून से 8 जून तक अथक प्रयासों से लाखों की
नकदी अभियुक्तों से बरामद करके अपराधी नाम से बंडल बनाकर लाकर में संयुक्त कस्टडी में रखा गया। सभी अभियुक्तों ने
लिखित में अपराध स्वीकार किये और एक ने जमीन खरीदने की जानकारी भी दी।
15 जून को एस आई टी ने मामले की जाँच हाथ में ली और मंदिर को दान में मिली बहुमूल्य वस्तुओं के खुर्दबुर्द होने की
अफवाओं पर भी विराम लगा। तीन विभिन्न अवसरों पर एस आई टी सदस्य ने चार्टेड एकाउंटेंट नरपत सिंह के पास जमा
वस्तुओं में से 90 का औचक निरिक्षण कर सही पाया है ।

अब एफआईआर टालने को मुद्दा बनाया गया मानो हुंडी गिनवाने का दायित्व एक मात्र चम्पत जी के पास था – जबकि
मंदिर परिसर में मौजूद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की और चोरी गई अधिकांश देवोत्तर राशि को बरामद कर सुबूत के
रूप में लाकर में अग्रिम करवाई हेतु जमा भी किया। अब यही अपराधियों के प्रति ठोस साक्ष्य हैं।
ऐसा लगता चम्पत राय जी के प्रति घोर दुष्प्रचार का अभियान छेड़ा गया था और 80 वर्षीय संघ प्रचारक ने नैतिक कारण
वश इस्तीफा सौंप दिया जबकि दूर तक कोई भी दोष ठहर नहीं पा रहा है।
- भूपत सिंह बिष्ट द्वारा।



